Monthly Archives: October 2010

दिल के नगमे …

कुछ किस्से थे अधुरे
बुनी हुई थी उनकी भी दिल ने एक अपनी ही ख़ास कहानी
दिल से जो धागे छूते
लगने लगी वोह ही कहानिया बेगानी अनजानी …

Leave a comment

Filed under Uncategorized